Tu Mere Lund ki Rani – तू मेरे लंड की रानी

Tu Mere Lund ki Rani – तू मेरे लंड की रानी

दोस्तो, मेरा नाम सुमित है और मैं हैदराबाद में रहता हूँ। ये कहानी करीब 6 साल पुरानी है जब मैं अपने होम टाउन बिहार में रहता था। ये चुत का भोसड़ा कहानी मेरे और मेरी दीदी की सहेली के बीच की है।  Tu Mere Lund ki Rani

दीदी की सहेली का नाम फ़रज़ाना (बदला हुआ नाम) था जो मेरी ही दीदी के साथ पढ़ती थी. मेरा और उसका घर पास में ही था।
तो पास में रहने की वजह से और मेरी दीदी के साथ पढ़ने की वजह से वो अक्सर मेरे घर आया जाया करती थी।

फ़रज़ाना दीदी देखने में बहुत गोरी और हल्की सी मोटी भी थी। उसकी उम्र लगभग 21 साल थी और फिगर 34-30-36 का होगा। जब से मैंने उनको देखा था तब से मैं उनको बहुत पसंद करता था।

दीदी की बड़ी बड़ी चूची और मोटी गांड को याद करके हमेशा मैं मुठ मारा करता था।
जब भी वो मेरे घर आती थी मैं हमेशा उनके आस पास ही रहने की कोशिश करता था.
उसके बदन को तिरछी निगाह से देखता था।

उस समय तक तो फ़रज़ाना दीदी को ये बात पता नहीं थी कि मैं उनको पसंद करता हूं.
मगर एक दिन जब वो मेरी दीदी के साथ पढ़ाई कर रही थी तो मैं भी उसी रूम में फ़रज़ाना दीदी के सामने कुर्सी पर बैठ कर पढ़ने का नाटक कर रहा था।
मेरा ध्यान पढ़ाई में नहीं बल्कि फ़रज़ाना की चूचियों में था.

तभी फ़रज़ाना दीदी की नजर अचानक मुझ पर गयी और उसने मुझे उसके चूचे ताड़ते हुए देख लिया और सीधी होकर बैठ गयी।

तब मैं थोड़ा डर गया कि वो किसी को बता न दे.
मैं वहाँ से उठ कर चला गया।

फिर कुछ दिनों तक जब किसी ने मुझसे कुछ नहीं कहा तो मैं समझ गया कि इसने अब तक किसी को कुछ नहीं बताया है।

मेरी हिम्मत बढ़ गयी और फिर से मैं छुप छुप कर कभी उसकी गांड को तो कभी उसकी चूचियों को घूरने लगा.
फ़रज़ाना दीदी की चूची इतनी टाइट और गांड इतनी मस्त थी कि अगर कोई अच्छे से देख ले तो कोई भी पागल हो जाये।

उस दिन के बाद दीदी ने बहुत बार मुझे उसके जिस्म को घूरते हुए देखा।
मगर किसी से कुछ कहा नहीं।

अब तक मुझे फ़रज़ाना दीदी की तरफ से कोई खुला निमंत्रण नहीं मिला था।

एक दिन मेरी दीदी के नंबर पर फ़रज़ाना दीदी का फ़ोन आया और वो बोली कि आज वो नहीं आ सकती क्यूंकि उसके घर वाले कहीं गए हुए थे और उसके कुछ नोट्स मेरे घर पर थे।
उसने कहा कि अभी वो मेरी दीदी के पास नहीं आ सकती. अगर हो सके तो नोट्स दे दो मुझे.

मेरी दीदी ने कहा कि वो भी अभी उसके पास नहीं जा सकती मगर वो किसी के हाथ नोट्स को भिजवा देगी.

फ़ोन काटने के बाद मेरी दीदी ने मुझे वो नोट्स दिये.
वो बोली- तू ये नोट्स फ़रज़ाना दीदी के घर जाकर दे आ, उसको जरुरत है।

मुझे थोड़ा डर भी लगा मगर मैं मना नहीं कर पाया।
थोड़ी देर बाद मैं वो नोट्स लेकर फ़रज़ाना दीदी के घर पंहुचा और घंटी बजायी तो दीदी ने दरवाजा खोला।

जब मैं वो नोट्स वापस करके जाना लगा तो दीदी ने मुझे रोका और अंदर आने को बोली।
मैं भी चुपचाप उनके घर के अंदर चला गया तो उसने गेट बंद कर लिया।  Tu Mere Lund ki Rani

फिर उसने मुझे बैठने के लिए कहा और चाय के लिए कहने लगी.
मैंने भी हां कर दी क्योंकि मैं उसके सामने ज्यादा कुछ बोल नहीं पा रहा था.

5 मिनट बाद में वो चाय लेकर आ गयी.
उस वक़्त भी मेरी नजर फ़रज़ाना दीदी पर ही थी और उसने भी ये देख लिया।

फिर हम चाय पीने लगे.

वो मेरी गर्लफ्रेंड के बारे में पूछने लगी.
मैंने मना कर दिया कि मेरी कोई गर्लफ्रेंड नहीं है.
वो बोली- ओह्ह अच्छा … तो तू इसलिए मुझे हर टाइम ऐेसे घूरता रहता है?
ये सुनकर मैं चुप हो गया और मैंने अपना सिर नीचे कर लिया.

ये भी सेक्स स्टोरी पढ़ें -  Bus Me Mili Bina Jhant Wali Chut - बस में मिली बिना झांट वाली चूत

दीदी बोली- बता … तू हमेशा मुझे घूरता क्यों है? क्या देखता रहता है हमेशा तू मेरे अंदर?
मैंने धीरे से बोला- कुछ नहीं दीदी … बस ऐसे ही!

वो बोली- क्या ऐसे ही? देख सच सच बता, नहीं तो मैं सबको बता दूंगी तेरी इस हरकत के बारे में!
मैंने डरते हुए कहा- दीदी, आप मुझे शुरू से अच्छी लगती हो बस इसलिए कभी कभी … वो … बस!

फ़रज़ाना- देखो सुमित, तुम बहुत अच्छे लड़के हो और स्मार्ट भी हो। तुम मुझे दीदी भी बोलते हो तो ऐसा नहीं करना चाहिए। हां, इस उम्र में ऐसा होता है मगर रिश्ते का तो ख्याल करो? और अगर किसी को पता चल गया तो पता है कितनी दिक्कत हो जाएगी?

मैं चुपचाप फ़रज़ाना दीदी की बात को सुन रहा था।
फिर बोला- ये बात किसी को पता नहीं चलेगी दीदी … क्यूंकि ऐसी बातें मैं किसी को नहीं बताता।

फिर दीदी ने कहा- अच्छा एक बात बता, तुम्हें सिर्फ मैं अच्छी लगती हूँ या तुम्हें कुछ और भी पसंद है मेरा?
मुझे तो कुछ समझ नहीं आ रहा था कि क्या हो रहा है मेरे साथ!

मगर मैं धीरे से अपना सिर नीचे करते हुए बोला- नहीं दीदी … और कुछ नहीं।
दीदी थोड़ा गुस्सा होते हुए बोली- तो साले … मेरे सीने और पिछवाड़े को क्यों ताड़ता है? शर्म नहीं आती तुझे? दीदी बोलता है मुझे और दीदी के जिस्म को ही देखता है!!

मैंने कहा- पसंद रिश्ते को देख कर नहीं होती दीदी। आप मुझे अच्छी लगी तो लगी। दीदी आप सच में बहुत सुन्दर हो, बहुत प्यारी हो।

दीदी को अपनी तारीफ मेरे मुँह से सुन कर अच्छा लगा और वो मुस्कराने लगी।
फिर दीदी ने मेरे हाथ में अपने हाथ को रखा और बोली- देख सुमित तुम भी बहुत अच्छे हो, इसलिए मैंने अब तक ये बात किसी को नहीं बताई लेकिन ये बात सिर्फ हम दोनों तक ही रहनी चाहिए. कभी किसी को पता नहीं चलनी चाहिए।

मैंने कहा- भरोसा रखो दीदी, हम दोनों के बीच जो भी है या होगा ये किसी को पता नहीं चलेगा।
बोलते हुए मैंने अपना हाथ फ़रज़ाना की जांघ पर रख दिया और धीरे धीरे सहलाने लगा।

जब उसने कुछ नहीं बोला तो मैं धीरे धीरे अपना हाथ सहलाते हुए फ़रज़ाना दीदी की चूत तक ले गया और कपड़े के ऊपर से ही सहलाने लगा।
अब दीदी थोड़ा गर्म हो गयी थी और वो भी धीरे से अपना हाथ मेरे लंड पर रख कर ऊपर से दबाने लगी, सहलाने लगी।

थोड़ी देर बाद वो मुझसे लिपट गयी और मेरे होंठों को चूमने लगी।
मैंने भी उनकी चूची को दबाते हुए मसलना शुरू कर दिया; उनके होंठों को चूसने लगा.

चूमते हुए मैंने उसके कपड़े उतार दिए और उनके पूरे जिस्म को चूसने और चाटने लगा।

जब मैं फ़रज़ाना दीदी की चूची को दबा दबा कर उसके निप्पल चूस रहा था तो उनकी निप्पल पूरी टाइट हो गयी थी और थोड़ी देर बाद तो वो मेरे सिर को पकड़ कर नीचे करने लगी।

चूसते हुए जब मैं नीचे आया तो उसकी पैंटी पूरी गीली हो गयी थी.

फिर जान बूझ कर उनको तड़पाने के लिए पैंटी के ऊपर से ही मैं उनकी चूत चाटने लगा।

अब वो कसमसाने लगी और जब उससे बर्दाश्त नहीं हुआ तो वो पैंटी उतारकर चाटने को कहने लगी.

जैसे ही मैंने उनकी पैंटी को पकड़ा उसने नीचे से अपनी गांड उठा दी और मैंने उनको पूरी नंगी कर दिया।
उनकी फूली हुई चूत पर छोटे छोटे बाल थे।  Tu Mere Lund ki Rani

मैं देख ही रहा था कि दीदी ने मेरे सिर के बालों को पकड़ा और बोली- चाट इसे!

मैंने भी दीदी की चूत को अपनी उंगली से फैला कर चाटना शुरू कर दिया।
चाटते हुए दीदी की चूत और ज्यादा पानी छोड़ने लगी।

दीदी ने भी मस्त होकर अपनी टांगें उठा कर फैला दीं और धीरे से बोलने लगी- हां मेरे राजा … हां … चाट … ऐसे ही चाट! चाट चाट कर पूरा पानी पी ले अपनी दीदी की चूत का!

थोड़ी देर बाद मैंने उन्हें डॉगी पोज़ में आने को बोला तो उसने भी तुरंत झुक कर टांगें फैला दीं और अपनी गांड उठा दी.
ओह्ह्ह … क्या गांड थी उनकी … एकदम मस्त, चिकनी मोटी गांड।

ये भी सेक्स स्टोरी पढ़ें -  Bahan ki Chudai ki Planing-बहन की चुदाई की प्लानिंग

मुझे तो यकीन ही नहीं हो रहा था कि जिसको मैं सोच कर इतना मुठ मारा करता था वो गांड आज मेरे सामने थी और वो भी पूरी नंगी!
मैंने बोला- ओह्ह्ह्ह दीदी … आपकी गांड बहुत मस्त है.
बोलते हुए मैंने उनकी गांड पर हल्का सा चांटा मार दिया।

फ़रज़ाना ने कहा- इतनी पसंद है तो चाट कर खा ले! आज मैं नहीं रोकूंगी तुझे, जो करना है कर ले!

तभी मैं उनकी गांड को चाटने लगा। अपनी जीभ से कभी उसकी चूत को तो कभी उसकी गांड को रगड़ कर चाटने लगा।

वो अपनी गांड को मेरे मुँह में दबाते हुए चटवाने लगी और थोड़ी देर में वो चटवाते हुए झड़ गयी।

अब उसने मेरे लंड को पकड़ा और अपने हाथों से आगे पीछे करते हुए बोली- इतना मस्त लौड़ा होगा तेरा … मैंने सोचा भी नहीं था.

उसने मेरे लंड को मुंह में ले लिया और मेरी आह्ह … निकल गयी.
मैं भी सिसकारते हुए बोला- आह्ह दीदी … चूस लो ये लौड़ा, ये आपके लिए बहुत तड़पता रहता है. निकाल दो इसका पानी.

अब वो और जोर जोर से चूसने लगी तो मैंने कहा- ओह्ह्ह … मेरी फ़रज़ाना दीदी … चूसो और चूसो।
वो मेरे लंड के साथ मेरे आंड भी चाटने लगी।

जब मुझे लगा कि मेरा निकलने वाला है तो मैंने उसे रोका और बेड पर पटक कर दीदी के नंगे बदन पर चढ़ गया.

धीरे से मैं दीदी के कान में बोला- अब मत तड़पाओ मेरी जान … मेरे लंड को अपनी चूत में ले लो.
वो बोली- तो चोद ले ना अपनी दीदी की चूत … बना दे इसका भोसड़ा.

मैंने दीदी की टांगों को उठा कर फैलाया और अपनी कमर पर रख दिया.
अपने लंड को उनकी चूत पर रगड़ कर सेट किया और थोड़ा अंदर डालने लगा.

दीदी को थोड़ा दर्द हुआ तो उन्होंने कहा- धीरे से डाल … दर्द हो रहा मुझे!
जैसे ही मैंने डालने की कोशिश की तो दीदी की गीली चूत की वजह से लंड बाहर फिसल गया।

तब मैंने दीदी को जोर से हग किया और अपने लंड को पकड़ कर दीदी की चूत के छेद में रख कर एक जोर का झटका दिया।
आधा लंड दीदी की चूत में घुसा ही था कि उनकी चीख निकल गयी और वो बाहर निकालने के लिए बोलने लगी.

मगर मैंने उनकी नहीं सुनी और थोड़ा सा लंड पीछे करके इस बार पूरा जोर का झटका मारा.

इस बार मेरा लंड दीदी की चूत को फाड़ता हुआ पूरा अंदर घुस गया।

दीदी को और भी ज्यादा दर्द हुआ तो वो चिल्लाने लगी और बोली- साले तेरी बहन का भोसड़ा, बहनचोद … बोला था न मैंने कि धीरे से करना। बाहर निकाल उसको मादरचोद … दर्द हो रहा है।

मैंने कहा- कुछ नहीं होगा 2 मिनट इंतज़ार करो. धीरे धीरे दर्द ख़त्म हो जायेगा. फिर मज़ा आएगा।

दीदी की गाली से मुझे थोड़ा अजीब सा लगा. फिर मैंने सोचा अगर मैं कुछ कहूंगा तो ये फिर नहीं चुदवायेगी।
इस साली की गाली का जवाब तो मैं भी गाली से ही दूंगा और वो भी चोद चोद कर … मगर ये पहले थोड़ा शांत हो जाये।

फिर 2-3 मिनट के बाद दर्द थोड़ा कम हुआ तो मैंने अपनी कमर धीरे धीरे आगे पीछे करना शुरू की.

अब दीदी को भी थोड़ा अच्छा लगने लगा तो वो भी अपनी गांड को नीचे से उठा उठा कर मेरे लंड को अपनी चूत में घुसवा कर चुदवाने लगी.

थोड़ी देर में जब मेरा लंड दीदी की चूत में पूरा सेट हो गया तो अब वो मज़े लेकर चुदवाने लगी और बोली- और जोर जोर से कर … थोड़ा अच्छा लग रहा है।  Tu Mere Lund ki Rani

मैंने बोला- देखा … मैंने बोला था न कि थोड़ी देर में ठीक हो जायेगा. आप फालतू का गुस्सा हो रही थीं।
दीदी ने कहा- मैंने भी कहा था भोसड़ी के … मैंने भी कहा था कि धीरे से डाल … मगर तू साला कुत्ता मुझे रंडी समझ कर घुसा रहा था.

ये भी सेक्स स्टोरी पढ़ें -  Josh Ki Goli Khilakar Chachi ki Chudai - जोश की गोली खिलाकर चाची की चुदाई

मज़ाक करते हुए मैं बोला- ओह्ह्ह दीदी … मेरी जान … मैं तुम्हारा कुत्ता बनने को तैयार हूँ. बस तू मेरी रंडी बन जा!

दीदी ने कहा- साले तू छोटा है मुझसे … मगर तेरा लंड बहुत तगड़ा है। ओह्ह सुमित … बना ले अपनी रंडी मुझे, ले चोद। आआह्ह आअह्ह्ह … चोद साले चोद … और चोद … चोद अपनी दीदी की चूत को … बना दे इसका भोसड़ा साले कुत्ते!

मैंने भी अब पूरे जोश में था और बोला- हां साली रंडी ले … चुदवा अपनी चूत को अपने भाई के लंड से. साली छिनाल … बहुत तड़पाया है तूने. तेरी मां का भोसड़ा … साली कुतिया.

मेरी बातों को सुनकर दीदी ने मेरी गांड को पकड़ा और जोर जोर से अपनी गांड को नीचे से उछाल उछाल कर चुदवाने लगी और बोली- हां भाई हां … चोद … ऐसे ही चोद … चोद अपनी दीदी की चुत को भाई … और जोर जोर से चोद … आह्ह … फाड़ दे अपनी दीदी की चूत को आज और बना दे इसका भोसड़ा! चोद अपनी रंडी दीदी की बुर को साले बहनचोद!!

ऐसे ही चुदवाते हुए अचानक वो जोर से हांफने लगी और बोली- गिरने वाला है सुमित … प्लीज ऐसे ही जोर जोर से चोदता रह!
मैंने कहा- ओह्ह्ह मेरे लंड की रंडी दीदी … ले और ले … और चुदवा … गिरा दे अपनी चूत का पानी साली रंडी!

दीदी ने कहा- हां भाई हां … हां ऐसे ही … ओह्ह्ह … आअह्ह् … आह्ह्ह्ह …
करते हुए दीदी झड़ गयी।

दीदी के झड़ते हुए मेरा भी निकलने वाला था तो मैंने कहा- मेरा भी निकलने वाला है दीदी … कहां निकालूँ?

वो बोली- मेरी चूत में ही गिरा दे. मैं दवाई ले लूंगी.
2 मिनट में मैंने भी दीदी की चूत को अपने लंड के पानी से भर दिया।
दीदी ने मुझे जोर से हग कर लिया और मुझे चूमने लगी.

फ़रज़ाना दीदी बोली- मज़ा आ गया यार … तेरे लंड से अपनी चूत चुदवाकर! उंगली से चोद चोद कर बोर हो गयी थी। साला लंड में जो मज़ा है वो उंगली में नहीं।  Tu Mere Lund ki Rani

फिर हम दोनों ऐसे ही नंगे पड़े थे कि अचानक मेरे घर से फ़ोन आया.
तो मैंने कहा कि मैं फ़रज़ाना को नोट्स देने के बाद अपने दोस्त के घर चला गया था.
उसके बाद मैं कपड़े पहनने लगा.

फ़रज़ाना कहने लगी- तुझे वापस भेजने का मन नहीं कर रहा.
मैंने कहा- कोई बात नहीं दीदी. आज से आप मेरे लंड की रानी और मैं आपकी चूत का राजा हूं. फिर कभी मौका मिला तो और भी खतरनाक तरीके से चोदूंगा आपको।

वो बोली- बहनचोद … मेरी चूत भी चोदता है और दीदी भी बोलता है? अकेले में मेरा नाम लिया कर और मुझे आप कहकर मत बुलाया कर!
मैंने मुस्कराते हुए कहा- ठीक है, मगर एक शर्त पर?
फ़रज़ाना चौंक गयी और बोली- कौन सी शर्त?

मैंने कहा- अगली बार मुझे तुम्हारी गांड चोदनी है। सच में फ़रज़ाना … तुम्हारी गांड बहुत मस्त है और मुझे पसंद भी है। तुम्हें पता नहीं कि कितनी बार मैंने तुम्हारी गांड को याद करके मुठ मारी है।

वो बोली- नहीं … गांड में बहुत दर्द होगा। जैसे तूने मेरी चूत फाड़ दी वैसे ही तू मेरी गांड भी फाड़ देगा.
मैं बोला- नहीं … भरोसा रखो. शुरू में दर्द होता है लेकिन बाद में उतना ही मजा है.

वो थोड़ा सोचकर बोली- ठीक है, जब मौका मिलेगा तो अगली बार गांड में कर लेना लेकिन धीरे करना प्लीज।
फिर मैंने उसको हग किया और किस करके वहां से आ गया अपने घर।  Tu Mere Lund ki Rani

तो दोस्तो, ये मेरी दीदी की सहेली की चूत चुदाई की कहानी थी. आपको ये चुत का भोसड़ा कहानी कैसी लगी मुझे बताना.
अगली बार मैं आपको उसकी गांड चुदाई की स्टोरी बताऊंगा कि कैसे मैंने उसकी गांड चोदी.
धन्यवाद.
[email protected]

Didi ne Chudai ka Gyan Sikhaya -दीदी ने चुदाई का ज्ञान सिखाया

Leave a Comment